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★ सम्यक् ज्ञान - इंद्रियां ..



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★ सम्यक् ज्ञान

जैन धर्म में सात तत्वों सच्चे ज्ञान की समझ ज्ञान कहा जाता है|

यह रुका हुआ है

१ खान -इंद्रियों और मन के निमित्त से ज्ञान की खान के लिए कहते हैं

२ trudge - मेरा जाने से पदार्थ के विषय में विशेष रूप से जानने के लिए trudge करने के लिए कहते हैं

३ थोड़ी देर - द्रव क्षेत्र में कल, एक भावना की मर्यादा के लिए तरल पदार्थ के स्पष्ट प्रत्यक्ष ज्ञान शब्द ज्ञान कहते हैं

४ मन:पूर्व - दूसरे के मन में स्थित कोशिका द्रव्य के स्पष्ट ज्ञान के लिए मन:पूर्व ज्ञान कहते हैं

५ Celgene - लग रही है, जो की तीन कालोनियों में सभी पदार्थो स्पष्ट प्रत्यक्ष एकसाथ जनता Celgene कहते हैं

                                     
  • म क ष प र प त हर ज व क ल ए उच चतम लक ष य म न गय ह सम यक दर शन, सम यक ज ञ न सम यक चर त र स इस प र प त क य ज सकत ह ज न धर म क म क षम र ग
  • क वल ज ञ न क प र प त करत ह ग णस थ न इस प रक र ह म थ य द ष ट स स दन सम यक - द ष ट म श र द ष ट अव रत सम यक - द ष ट द श - व रत प रमत त सम यक अप रमत त
  • क प रय ग ज न ग रन थ म सम यक दर शन, सम यक ज ञ न और सम यक चर त र क एक स थ कहन क ल ए क य गय ह सत सम यक सम च न ब तकलक न र द ष
  • : यह तत त व र थस त र क पहल स त र ह ह इसक अर थ ह - सम यक दर शन, सम यक ज ञ न और सम यक चर त र त न म लकर म क ष क म र ग ह परस पर पग रह ज व न म
  • न रक स वस त क क ऊपर बन त न ब द रत त रय क प रत क ह सम यक दर शन सम यक ज ञ न सम यक चर त र इसक अर थ ह रत न त रय ध रण कर ज व च र गत य म जनम
  • अ ग बत ए ह : सम यक द ष ट सम यक स कल प, सम यक वचन, सम यक कर म, सम यक आज व क सम यक व य य म, सम यक स म त और सम यक सम ध इस म र ग
  • ज ञ न प रबन धन क अन तर गत व स र क र य आत ह ज स स थ ओ द व र ज ञ न क पहच नन उसक स जन करन उस सम यक र प स प रदर श त करन तथ उसक व तरण
  • व श व स क र कत ह म थ य त व सम यक म थ य त व सम यक प रक त अन तन ब ध प रक र क क र ध, अभ म न, छल और ल लच 2. स स दन सम यक - द ष ट यह ग णस थ न ज व क म नस क
  • अन त शक त अन त ज ञ न और अन त स ख ह आत म और कर म प द गल क ब धन क क रण यह ग ण प रकट नह ह प त सम यक दर शन, सम यक ज ञ न सम यक चर त र क म ध यम
  • च क त स - ग रन थ क उपय ग क ब न भ म त र इस एक ग रन थ क सम यक उपय ग स सभ र ग क सम यक न द न क य ज सकत ह ह त - ल ग - औषध र प आय र व द क त र स कन ध
  • उप य म अष ट गम र ग सम यक द ष ट सम यक स कल प, सम यक व ण सम यक कर म, सम यक आज व, सम यक प रयत न, सम यक स म त तथ सम यक सम ध क व श ष महत व
  • स चन क ल ए कह व पश यन सम यक ज ञ न ह ज ज स ह उस ठ क व स ह द ख - समझकर ज आचरण ह ग वह सह और कल य णक र सम यक आचरण ह ग व पश यन ज वन क
  • 1. सम यक द ष ट - वस त ओ क यथ र थ स वर प क ज नन ह सम यक द ष ट ह 2. सम यक स कल प - आसक त द व ष तथ ह स स म क त व च र रखन ह सम यक स कल प
                                     
  • शर र द म नह और यह म र नह सम यक ज ञ न - सम यक ज ञ न प रगत न क ल ए भ द ज ञ न क स धन करन चह य भ द ज ञ न - ज स ज व क ज स द व य क ज स समय
  • द न क म ल क अन द स बत य गय ह ज स रत न त रय सम यक दर शन, सम यक ज ञ न और सम यक चर त र क म ध यम स प र णत प थक क य ज सकत ह स यम
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  • यह अन क लन ह फ ज य ल ज क अध क श ज ञ न द न क ज वन और र ग य क अध ययन स उपलब ध ह आ ह पर त क छ ज ञ न प र ण य पर क ए गए प रय ग स भ उपलब ध
  • क स थ क म करत - करत उन ह न कव त न टक एव स ह त य क सम बन ध म सम यक ज ञ न प र पत क य नजर ल न लगभग ग न क रचन क तथ स थ ह अध क श क

शब्दकोश

अनुवाद

यूजर्स ने सर्च भी किया:

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सम्यक् ज्ञान का अर्थ.

जैन धर्म में सम्यक् ज्ञान क्या है?. सम्यक्‌ दृष्टि दुःख का ज्ञान, दुःखोदय का ज्ञान, दुःखनिरोध का ज्ञान और दुःख निरोध की ओर ले जाने वाले मार्ग का ज्ञान, इस आर्य सत्य चतुष्य के सम्यक्‌ ज्ञान को सम्यक दृष्टि कहते हैं। 2. सम्यक्‌ संकल्प निष्कर्मता संबंधी अर्थात. सम्यक ज्ञान के भेद. Mahavir Jayanti 2019 Mahavir Jayanti Know How Prince. जैसे बादलों से पानी गिरता है उसी प्रकार जिनेश्वर परमात्मा के मुखारविंद से सिद्धांत झरते हैं यथार्थ प्रगट होता है जैन परंपरा में मुक्ति का मार्ग बताया है सम्यक् दर्शन अर्थात सम्यक् श्रद्धा, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् जानकारी,. सम्यक ज्ञान के अंग. MEGHNAGAR TAPSYA Naidunia. सम्यक् ज्ञान Samyak jnyan meaning in English इंग्लिश मे मीनिंग​ is सम्यक् ज्ञान ka matlab english me hai. Get meaning and translation of Samyak jnyan in English language with grammar, synonyms and antonyms. Know the answer of question what is meaning of Samyak jnyan in English.


सम्यक ज्ञान के दोष.

शांति और ज्ञान चाहिए तो अपनाएं भगवान वेबदुनिया. मन में दूषित विचारों को भरने से भावबंधन होता है और जीव के पुद्गलों से वास्तव में संबद्ध होने से द्रव्यबंधन होता है। जीव का पुद्गलों से छुटकारा पाना ही मोक्ष है। जैन दर्शन के अनुसार सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान तथा सम्यक् चरित्र ही मोक्ष. सम्यक ज्ञान सम्यक दर्शन सम्यक चरित्र. Spandan स्पंदन: विषय भेद Patrika News. संसार में किसी भी वस्तु का ज्ञान प्राप्त करना हो तो उसे देखकर व विचाकर कुछ कुछ जाना जा सकता है। अधिक ज्ञान के लिये हमें उससे सम्बन्धित प्रामाणिक विद्वानों व उससे सम्बन्धित साहित्य की शरण लेनी पड़ती है। इसी प्रकार से. NAS2018 Final, Class VIII S. S. A. Assam. अर्थात् सम्यक् ज्ञान अथवा प्रमाणवृत्ति के तीन स्रोत हैं प्रत्यक्ष बोध,अनुमान और योग सिद्ध आप्त पुरुषों के वचन। यही वे तीन विधियाँ हैं, जिनके द्वारा योग साधक को ठीक ठीक ज्ञान हो सकता है। इनमें पहली विधि प्रत्यक्ष बोध की है। यह सम्यक्.


े संहिता e Samhita National Institute of Indian Medical Heritage.

सम्यक् प्रतिपादन करने में समर्थ हैं। जैन धर्म के मूल सिद्धान्तों को संचालन कर ज्ञान की अलख जगाने का प्रयास किया है। शिक्षण शिविरों, जैन दर्शन सम्यक् दर्शन ज्ञान ​चारित्र तो सच्चा मुक्ति का मार्ग है ही, पर यह. बताओं कि असदाचारी को. जैन दर्शन में बंधन और मोक्ष का सिद्धांत. अहिंसा जैन धर्म का मूल सिद्धांत है। जैन धर्म में जीवों पर दया और अहिंसा पर अधिक बल दिया गया है। इसीलिए जैन धर्म के अनुयायी शाकाहारी होते है। जैन धर्म में कर्मफल से मुक्ति पाने के लिए त्रिरत्न हैं – सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान,. प्रमाण Pramaan Jain Knowledge Jain Hobbies Jain Samay. उत्तर सम्यग्दर्शन ज्ञान चारित्राणि मोक्षमार्ग:।प्र.२. सूत्र का अर्थ स्पष्ट कीजिये?उत्तर सम्यग्दर्शन, सम्यक्ज्ञान और सम्यक् चारित्र तीनों की एकता ही मोक्षमार्ग है।प्र.३.मोक्ष क्या है?उत्तर आत्मा का हित अथवा अष्ट.


आखिर कैसे मिले सम्यक् ज्ञान Literature Hindi All.

जैसे धागा पिरोई हुई सुई कचरे में गिर जाने पर भी खोती नहीं है​, वैसे ही ससूत्र अर्थात् शास्त्रज्ञानयुक्त जीव संसार में. शांति और ज्ञान चाहिए तो अपनाएं भगवान Dailyhunt. सम्यक् श्रवण सम्यक श्रवण भारतीय दर्शन का आधार है। भारतीय संस्कृति की यह परंपरा रही है कि महा सत्य या सृष्टि के सत्य का ज्ञान देने वाले ज्ञान को लिखा नहीं गया ये महावाक्य नहीं, महासूत्र हैं रहस्य के फॉर्मूले हैं।. वेदादि ग्रन्थों के अध्ययन, तर्क, विवेचना और सम्यक्. जिस राष्ट्र का राजा चतुर है, प्रधानमंत्री ज्ञानी है ओर सेना नायक चारित्रवान है उस राष्ट्पर कभी आंच नही आ सकती, जैसे किसी भी देश का कर्णधार उस देश का राजा हुआ करता हैं, उसी प्रकार मोक्षमार्ग में सम्यक् दर्शन कर्णधार हैं।. अनटाइटल्ड जिनागम सार जिनागम सार जैन. ये प्रथम ऐतिहासिक तीर्थंकर थे ये काशी नरेश अश्वसेन के बेटे थे इनको सम्मेद पर्वत झारखंड पर ज्ञान प्राप्त हुआ इसके अंतर्गत तीन रत्न आते है – सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन ​विश्वास, सम्यक् चरित्र आचरण सम्यक् ज्ञान – सही ज्ञान.


04 भाग तृतीया 2018.cdr जरा मृतु रोग निवारण.

श्री भगवान् ने कहा - समस्त ज्ञानों में उत्तम परम ज्ञान को मैं पुन: कहूंगा, जिसको जानकर सभी मुनिजन इस लोक से जाकर इस तथापि इसके सम्यक् ज्ञान के बिना साधक अपने आन्तरिक दोषों को समझ कर उन्हें सुधार नहीं सकता और ऐसी स्थिति में वह परम. अंतस की अराधना का पर्व. Ø भगवान महावीर को शाल के वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई और जुम्भिक ग्राम के समीप ऋजुपालिका नदी के तट पर के स्थान पर महावीर को ज्ञान Ø जैन धर्म के तीन रत्न त्रिरत्न सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन एवं सम्यक् चरित्र हैं ।.


अनटाइटल्ड 1.

पूज्य आचार्यश्री जी ने कहा – किसी भी कार्य की सफलता तीन बातों पर निर्भर होती है – श्रद्धा, ज्ञान और क्रिया। जैन शास्त्रों में इन्हें सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चारित्र कहते हैं। सम्यक् दर्शन अर्थात्, सच्चे. Page 1 पृष्ठ. सम्यक ज्ञान जो पदार्थ जैसा है, उसे वैसे को वैसा ही जानना, न कम जानना,न अधिक जानना और न विपरीत जानना जो ऍसा बोध कराता है,वह सम्यक ज्ञान है ।सम्यक ज्ञान व सम्यक दर्शन में अन्तर है।ज्ञान का अर्थ जान.

सम्यक्संबुद्ध हिंदी में परिभाषा Oxford Living.

अन्वयार्थ: सम्यक् श्रद्धा सम्यग्दर्शन धारि धारण करके ​पुनि फिर सम्यग्ज्ञान सम्यग्ज्ञान क सेवहु सेवन करो जो सम्यग्ज्ञान बहु धर्मजुत अनेक धर्मात्मक स्वपर अर्थ अपना और दूसरे पदार्थों का प्रकटावन ज्ञान कराने में भान सूर्य समान. Dictionary भारतवाणी Part 267. 111. विद्यालय के बाहर का जीवन और वहाँ प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव भाषा सीखने के लिए आवश्यक प्रेरणा देते हैं, क्योंकि A. मानक वर्तनी का सम्यक् ज्ञान मिलता है. B. लेखन की विभिन्न शैलियों का परिचय मिलता है. C. समृद्ध भाषिक परिवेश. CTET September 2015 – Paper – I Hindi Language Answer Key. 1. सम्यक्‌ दृष्टि:दुःख का ज्ञान, दुःखोदय का ज्ञान, दुःखनिरोध का ज्ञान और दुःख निरोध की ओर ले जाने वाले मार्ग का ज्ञान, इस आर्य सत्य चतुष्य के सम्यक्‌ ज्ञान को सम्यक दृष्टि कहते हैं। 2. सम्यक्‌ संकल्प:निष्कर्मता संबंधी अर्थात अनासक्ति.


सम्यक् ज्ञान ENCYCLOPEDIA इनसाइक्लोपीडिया.

पर्यूषण पर्व आत्मा अंतस तथा उसे ज्ञान दर्शन चैतन्य स्वभावी मानने वालों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जैन धर्म में रत्नत्रय अर्थात सारे सांसारिक प्रंपचों की अपेक्षा सम्यक् दर्शन श्रद्धा, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र को. सम्यक ज्ञान Samyak Gyaan Front Desk Architects. मूल्य Rs. 0 पृष्ठ 609 साइज 22 MB लेखक रचियता सोहनलाल बज Sohanlal Baj सम्यक् श्रामण्य भावना पुस्तक पीडीऍफ़ डाउनलोड करें, ऑनलाइन पढ़ें, Reviews पढ़ें Samyak Shramanya Bhavna Free PDF Download, Read Online, Review. जैन धर्म Jainism pathmaker. प्रमाण में पदार्थ का सम्यक् निर्णय या सम्यक् निश्चय होता है इसलिये प्रमाण को सम्यक् ज्ञान भी कहा जाता है मिथ्या ज्ञान कभी भी प्रमाण नहीं होता प्रमाण का क्षेत्र नय से व्यापक होता है नय वस्तु के अनेक गुणों में एक गुण द्वारा वस्तु का.


सम्यक् श्रद्धा, सम्यक् पालन मुक्ति मार्ग की.

सम्यक् शुद्ध सहज जल द्वारा मिथ्याश्रम प्रभु दूर हटाव । जन्म मरण का क्षय कर डालू साम्य भाव रस मुझे पिलाव ॥ दर्शन ज्ञान चरित्र साधना से पाऊँ निज शुद्ध स्वभाव । रत्नत्रय की पूजन करके राग द्वेष का करूँ अभाव ॥ ॐ ह्रीं श्री सम्यग्रत्नत्रयधर्माय. श्री प्रणब मुखर्जी: भारत के पूर्व राष्ट्रपति. कृष्णआकांक्षी says, सम्यक् ज्ञान सम्यक् जीवन दर्शन सम्यक् प्रेम परिभाषा जिनके ह्रदय विराजें श्री राध. Read the best original quotes, shayari, poetry & thoughts by कृष्णआकांक्षी on Indias fastest growing writing app YourQuote. Buy Utho! Jago! Aage Barho Book Online at Low Prices in India. सम्यक् ज्ञान अथवा प्रमाणवृत्ति के तीन स्रोत हैं प्रत्यक्ष, बोध, अनुमान और योग सिद्ध आप्तपुरुषों के वचन। यही वे तीन विधियाँ हैं, जिनके द्वारा याग साधक को ठीक ठीक ज्ञान हो सकता है। इनमें पहली विधि प्रत्यक्ष बोध की हैं।.


जैन धर्म Studyfry.

सिद्धान्त त्रिरत्न के नाम से जाना जाता है। सम्यक् दर्शन का अर्थ है जैन दर्शन के सात. मूल तत्त्वों में श्रद्धा की भावना । सम्यक् ज्ञान उस ज्ञान को कहा जाता है जिसके द्वारा. जीवादि पदार्थों का पूर्ण ज्ञान हो। सम्यक् चारित्र रागादि से. राष्ट्रीय कार्यशाला ICPR. सम्यक्‌ ज्ञान होना आवश्यक. महासती दीप्तिजी की मासखमण तपस्या पूर्ण, धर्मसभा में जिनेन्द्रमुनिजी ने कहा. अनुमोदना में उमड़े कई श्रीसंघ. मेघनगर। सम्यक्‌ ज्ञान हो तो विचार सही होते हैं। विचार सम्यक्‌ हों तो उनके द्वारा जो.


अनटाइटल्ड Shodhganga.

जैन धर्म में सात तत्वों का यथार्थ ज्ञान सम्यक ज्ञान कहलाता है इसके पांचभेद है १ मतिज्ञान इन्द्रियों और मन के. Principles of Jainism – जैन धर्म के सिद्धांत – Page 2. इसे त्रिद्द या त्रिगुण शरण भी करते हैं, जो बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म के तीन घटक हैं। जैन धर्म के तीन रत्न, जिसे रत्नत्रय भी कहते हैं। इनको सम्यक दर्शन सही दर्शन….


शांति और ज्ञान चाहिए तो अपनाएं भगवान बुद्ध की ये.

तत्त्वानि येन ज्ञानेन तद् दर्शनम् अर्थात् जिस ज्ञान के द्वारा जगत् के सूक्ष्म स्थूल तत्त्वों. का बोध कराया जाए उसे दर्शन कहते हैं। इस दर्शन का परम लक्ष्य दुःख और बन्धन को सम्यक् दर्शन, ज्ञान, तथा. चरित्र से दूर करके स्वानुभूति के द्वारा. सम्यक् ज्ञान सम्यक् जीवन Quotes YourQuote. निज में ही नित्य विहाकर परद्रव्य में न विहाकर ।।१५।। जीवादि का श्रद्धान सम्यक् ज्ञान सम्यग्ज्ञान है। रागादि का परिहार चारित यही मुक्तिमार्ग है।।१६।। तत्त्वरुचि सम्यक्त्व है तत्ग्रहण सम्यग्ज्ञान है। जिनदेव ने ऐसा कहा परिहार ही चारित्र. सफलता तीन बातों पर निर्भर होती है श्रद्धा, ज्ञान. व्यक्ति धन के पीछे दौड़ता है और उसको घर में भी नहीं रखना चाहता। धन का भोग करना आसान बात नहीं है। यह भी एक तपस्या है। सम्यक् ज्ञान के बिना धन के प्रति दृष्टि भी सम्यक् नहीं हो सकती। अत: धन ही नाश का मुख्य कारण बन जाता है। जीवन में शक्ति का. Prastavna1.pdf bipard. उदाहरण ज्ञानमीमांसा का मतलब ज्ञान की पैदायश का स्रोत, उसका स्‍वभाव,उसके तरीके और उसकी सीमाओं से है सम्यक् ​ज्ञान Samyak jnyan meaning in English इंग्लिश मे मीनिंग is ACQUAINTANCE सम्यक् ज्ञान ka matlab english me ACQUAINTANCE hai​.

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